Thugs Of Hindostan Review, Budget, film cast and more

Thugs Of Hindostan Review and cast 

Amitabh Bachchan as  Khudabaksh Azaad, a commander of the Thugs
Aamir Khan as Firangi Mallah, a small-time Thug from Awadh
Katrina Kaif as Suraiyya, a dancer and performer
Fatima Sana Shaikh as Zafira Baig, a warrior-archer Thug
Lloyd Owen as John Clive, a ruthless British East India Company officer
Mohammed Zeeshan Ayyub as Shanichar, Firangi’s Friend
Ronit Roy as Mirza Sikander Baig
Abdul Quadir Amin as Azhar Ali

 

Budget

₹300 crore

 

Thugs Of Hindostan Review

हिंदुस्तान के ठग एक 2018 भारतीय हिंदी भाषा महाकाव्य कार्रवाई-साहसिक फिल्म है, जिसे विजय कृष्ण आचार्य ने लिखा और निर्देशित किया है, और आदित्य चोपड़ा द्वारा उनके बैनर यश राज फिल्म्स के तहत निर्मित किया गया है। फिल्म में अमिताभ बच्चन, आमिर खान, कैटरीना कैफ, फातिमा साना शेख और लॉयड ओवेन हैं। 17 9 5 में स्थापित, फिल्म खुदाबाक्ष आजाद की अगुवाई में ठग के एक बैंड का अनुसरण करती है, जो विस्तारित ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन से हिंदुस्तान (भारतीय उपमहाद्वीप) को मुक्त करने की इच्छा रखती है। अलार्मेड, ब्रिटिश कमांडर जॉन क्लाइव अवध, घुड़सवार और खतरे का सामना करने के लिए अवध, फिरंगी मल्लाह से एक छोटा सा ठग भेजता है

 

₹ 300 करोड़ (42 मिलियन अमेरिकी डॉलर) के अनुमानित बजट पर उत्पादित, हिंदुस्तान के ठग सबसे महंगी बॉलीवुड फिल्म हैं। शुरुआत में थग नामक फिल्म, पहली बार खान और बच्चन ने लीड के रूप में एक साथ दिखाया, और खान 3, 2013 के बाद खान, आचार्य और कैफ के बीच दूसरा सहयोग था। प्रिंसिपल फोटोग्राफी 5 जून 2017 को माल्टा में शुरू हुई; फिल्म थाईलैंड और मेहरानगढ़ में भी गोली मार दी गई थी। सेट पर बच्चन घायल होने के बाद इसे एक छोटे से अंतराल पर रखा गया था। फिल्मांकन मार्च 2018 में समाप्त हुआ, अंतिम कार्यक्रम राजस्थान में पूरा हो रहा है। अमिताभ भट्टाचार्य द्वारा लिखे गए गीतों के साथ अजय-अतुल द्वारा साउंडट्रैक बनाया गया था।

 

 Thugs Of Hindostan Review & Concept of movie

फिल्म ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान सन 1795 के उस दौर की कहानी बताती है, जब हिंदुस्तान की तमाम रियासतों पर अंग्रेजों का राज हो चुका है और बची-खुची रियासतों पर भी उनकी नजर थी। ऐसी ही एक रियासत रौनकपुर को अंग्रेज कमांडर जॉन क्लाइव (लॉयड ओवेन) धोखे से कब्जा लेता है। वहां के नवाब मिर्जा सिकंदर बेग (रोनित रॉय) के परिवार को अंग्रेज मार देते हैं, लेकिन उसकी बेटी जफीरा (फातिमा सना शेख) को राज्य का वफादार खुदाबख्श आजाद (अमिताभ बच्चन) बचा कर ले जाता है। करीब एक दशक तक आजाद छुपकर अपने लोगों को इकट्ठा करता है और फिर अंग्रेजों के खिलाफ गुरिल्ला युद्ध छेड़ देता है। इस जंग में जफीरा भी अपने परिवार का बदला लेने के लिए उसके साथ है।

आजाद की बढ़ती ताकत से परेशान अंग्रेज उसे उसी के अंदाज में मात देने के लिए किसी शातिर आदमी को तलाशते हैं। उनकी तलाश फिरंगी मल्लाह (आमिर खान) पर पूरी होती है। फिरंगी अवध का रहने वाला एक छोटा-मोटा ठग है, जो किसी भी तरह पैसा कमाने की जुगत में रहता है। वह अंग्रेजों के लिए ठगों को पकड़वाने का काम करता है। वहीं सुरैया (कैटरीना कैफ) एक नाचने वाली है। फिरंगी उसका आशिक है। अंग्रेजों की योजना के मुताबिक फिरंगी ठगों की सेना में अंग्रेजों का मुखबिर बनकर शामिल हो जाता है। क्या फिरंगी अंग्रेजों के प्लान को पूरा कर पाता है? या फिर वह भी उन्हें भी ठग लेता है? इसका जवाब आपको सिनेमाघर में जाकर ही मिल पाएगा।

 

Thugs Of Hindostan Review

आमिर खान और अमिताभ बच्चन को पहली बार फिल्मी पर्दे पर साथ लाने वाली फिल्म ठग्स ऑफ हिंदोस्तान के पहले अंग्रेज ऑफिसर फिलिप मिडोज टेलर की बेस्टसेलर नॉवल कंफेशंस ऑफ ए ठग पर आधारित होने की चर्चा थी। लेकिन अब यह फिल्म पूरी तरह कल्पना आधारित बताई जा रही है। हालांकि फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद से ही फैंस ने इस फिल्म की तुलना पाइरेट्स ऑफ कैरेबियन की फिल्मों और आमिर खान की तुलना कैप्टन जैक स्पेरो यानी कि जॉन डीप से करनी शुरू कर दी थी। कुछ सीन्स में आमिर जैक का देसी वर्जन लगते भी हैं। कहीं-कहीं फिल्म भी देसी पाइरेट्स ऑफ कैरेबियन लगती है, तो लड़ाई के कुछ एक्शन सीन्स बाहुबली फिल्म की कॉपी लगते हैं।

फ़िल्म के डायरेक्टर विजय कृष्ण आचार्य ने अपनी फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने के लिए कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा जोड़ने में काफी मेहनत की है, लेकिन अफसोस कि वह उसे सही तरीके से संभाल नहीं पाए। फिल्म की कहानी काफी कमजोर है। वहीं डायरेक्शन में भी वह धूम 3 जैसा जादू नहीं जगा पाए। पहले हाफ में फिल्म थोड़ी ठीक लगती है, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी बोझिल हो जाती है।

फिल्म में कुछ सस्पेंस भी है, लेकिन वह आपको प्रभावित नहीं करता। फिल्म की कहानी का आइडिया आप पहले ही लगा लेते हैं। आमिर खान फिल्म में ठगों और अंग्रेजों दोनों को इतनी बार ठगते हैं कि आप आखिर तक सोचते रहते हैं कि उन्होंने आखिर में किसे ठगा? लेकिन क्लाइमेक्स में आपको पता लगता है कि आमिर ने इस बार भव्य सेट्स, बड़ी स्टारकास्ट और बड़े-बड़े पानी के जहाज दिखा कर बेहद खूबसूरती से दर्शकों को ठग लिया!

 

Thugs Of Hindostan Review

 

फिल्म की काफी शूटिंग जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में हुई है। इसके अलावा, जहाज वाले लड़ाई के सीन माल्टा में शूट किए गए हैं। मानुष नंदन की सिनेमटोग्रफी कमाल की है, जो कि आपको रोमांचित कर देती है। खासकर पानी के जहाजों पर लड़ाई के सीन काफी रोमांचक हैं। फिल्म के सेट काफी भव्य हैं। लेकिन 1795 के दौर को भव्य तरीके से दिखाने की चाहत में ही शायद इसका बजट 350 करोड़ के करीब पहुंच गया। वहीं कमजोर कहानी पर पौने तीन घंटे की फिल्म की लंबाई भी आपको काफी ज्यादा लगती है।

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