इस तरह मिनटों में बन जाएगी आधार Virtual ID, जानें स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस

How to generate Aadhaar Virtual ID

 

आधार धारकों की सुरक्षा के मद्देनजर UIDAI ने Virtual ID जारी कर दी है। इसे आधार धारक UIDAI की वेबसाइट से जनरेट कर सकते हैं। यह 16 डिजिट का नंबर है जिसे आधार के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। आपको बता दें कि वर्चुअल आईडी की सभी भुगतान बैंक, बीमा कंपनी, एनपीसीआई, पीपीआई, एनबीएफसी, टेलिकॉम ऑपरेटर या अन्य एजेंसियों पर सत्यापन के लिए जरुरत होगी।

 

जानें कैसे ऑनलाइन जनरेट करें आधार Virtual ID -( How to generate Aadhaar Virtual ID )

स्टेप 1

इसके लिए यूजर्स को UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट https://www.uidai.gov.in.पर जाना होगा।

 

स्टेप 2

लॉगइन करने के बाद यूजर्स को आधार सर्विस में जाकर Virtual ID पर क्लिक करना होगा।

स्टेप 3

अब एक पेज ओपन होगा जिसमें आपको 16 डिजिट का आधार नंबर डालना होगा। इसके बाद सिक्योरिटी कोड डालकर OTP जनरेट करें। यह OTP आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आएगा।

स्टेप 4

इसके बाद यह OTP एंटर करें और Generate VID पर क्लिक करें। प्रोसेस पूरा होने के बाद आपके पास VID जनरेट होने का मैसेज आ जाएगा।

 

स्टेप 5

आपको बता दें कि एक Virtual ID तब तक के लिए वैध होगी जब तक यूजर दूसरी Virtual ID नहीं बना लेते हैं।

 

जानें क्या है वर्चुअल आईडी?

वर्चुअल आईडी एक 16 अंकों का विशिष्ट नंबर है जिसे आधार धारक द्वारा बनाया व बदला जा सकता है। वर्चुअल आईडी को आधार धारक कई बार बदल सकते हैं। फिलहाल वर्चुअल आईडी न्यूनतम एक दिन के लिए वैध है। इसका मतलब आधार धारक वर्चुअल आईडी को एक दिन के बाद री-जेनरेट कर सकते हैं। वर्चुअल आईडी की एक्सपाइरी डेट के बार में फिलहाल कुछ नहीं कहा गया है। ऐसे में एक वर्चुअल आईडी तब तक के लिए वैध होगी जब तक आधार धारक नई आईडी नहीं बना लेते हैं। एक समय पर किसी भी आधार कार्ड के लिए केवल एक ही एक्टिव वर्चुअल आईडी हो सकती है।

 

आधार वर्चुअल आईडी क्यों पेश की गई है?

यह कदम आधार धारकों के लिए गोपनीयता संरक्षण को मजबूत बनाने के लिए बहु-स्तरित सुरक्षा स्थापित करने के लिए यूआईडीएआई की पहल का हिस्सा है। यूआईडीएआई परिपत्र में कहा गया है कि आभासी आईडी आधार संख्या धारकों को प्रमाणीकरण के दौरान अपने आधार संख्या के बजाय वीआईडी ​​साझा करने की अनुमति देती है, इस प्रकार विभिन्न एजेंसियों द्वारा आधार संख्याओं का संग्रह घटाना।

 

इसका इस्तेमाल कैसे करें?

आधार संख्या का उपयोग उसी तरह प्रमाणीकरण के उद्देश्य से वर्चुअल आईडी का उपयोग किया जा सकता है। अभी तक, जब किसी ग्राहक को वित्तीय सेवाओं का लाभ उठाने के लिए स्वयं को प्रमाणित करना होता है, तो उसे 12-अंकों के आधार संख्या और एक ओटीपी देना होता है जिसे वह मोबाइल फोन पर प्राप्त करता है। 1 जुलाई से, ग्राहक को आधार संख्या देने की आवश्यकता नहीं होगी, इसके बजाय 16-अंकों वाली वर्चुअल आईडी एजेंसी या कंपनी को प्रदान की जाएगी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *