क्या आप जानते हैं बिना बुखार के भी आपको हो सकता है Dengue fever

Dengue fever – कुछ देर काम के बाद ही मुझे थकान महसूस होने लगती है। मेरी उम्र 50 साल है। पिछले 12 साल से मुझे डायबटीज है और मैं बरसों से दवाई पर ही जिदा हूं।” बस इतनी-सी शिकायत लेकर इस साल अगस्त के आखिर में एक अधेड़ उम्र का शख्स डॉक्टर आशुतोष विश्वास के पास आया। दिल्ली के एम्स में मेडिसिन विभाग के डॉक्टर आशुतोष विश्वास को ये बड़ी ही नॉर्मल-सी बीमारी लगी। डॉक्टर आशुतोष ने मरीज का शुगर टेस्ट किया जो खतरे के निशान के पार था।

 

क्या आप जानते हैं बिना बुखार के भी आपको हो सकता है डेंगू

dengue fever – फिर क्या था, डॉक्टर विश्वास ने शुगर का इलाज किया और 24 घंटे के अंदर शुगर काबू में ले आए।शुगर काबू में लाने के बाद मरीज के खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि उनके प्लेटलेट्स काउंट बहुत कम है।डॉक्टर विश्वास ने तुरंत उस मरीज़ का डेंगू टेस्ट कराया, जिसमें पता चला कि मरीज को डेंगू है। ये अपने आप डॉक्टर विश्वास और उनकी टीम के लिए बेहद चौंकाने वाला तथ्य था। मरीज़ को तो कभी बुखार आया ही नहीं था।

dengue fever – यानी ये बिना बुखार वाला डेंगू था, जिसका मरीज उनकी जानकारी में इससे पहले नहीं देखा गया था।हालांकि नौ दिन बाद उपचार के बाद मरीज ठीक हो गए थे।जरनल ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक शोध पत्र के मुताबिक डॉक्टर विश्वास और उनकी टीम ने इस केस के बारे में पूरा एक शोध पत्र लिखा है।

 

क्या आप जानते हैं बिना बुखार के भी आपको हो सकता है डेंगू

dengue fever – ‘ए क्यूरियस केस ऑफ एफेब्रिल डेंगू’ नाम से प्रकाशित इस शोध पत्र में डॉक्टर विश्वास ने विस्तार से इसके बारे में लिखा है।’एफेब्रिल डेंगू’ यानी बिना बुखार वाला डेंगू आम तौर पर होने वाले डेंगू में मरीज तेज बुखार की शिकायत करता है उसके शरीर में भयानक दर्द होता है।लेकिन मधुमेह के मरीजो, बूढ़े लोगों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में बुखार के बिना भी डेंगू हो सकता है।ऐसे मरीजो को बुखार तो नहीं होता, लेकिन डेंगू के दूसरे लक्षण ज़रूर होते हैं।ये लक्षण भी काफी हल्के होते है।

dengue fever – एम्स में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के डॉक्टर आशुतोष विश्वास कहते हैं, “इस तरह का डेंगू खतरनाक हो सकता है, क्योंकि मरीज को पता ही नहीं होता कि उसे डेंगू हो गया है। कई बार वो डॉक्टर के पास भी नहीं जाते”इस तरह के डेंगू में बहुत हल्का इंफेक्शन होता है। मरीज को बुखार नहीं आता, शरीर में ज्यादा दर्द नहीं होता, चमड़ी पर ज्यादा चकत्ते भी नहीं होते कई बार मरीज को लगता है कि उसे नॉर्मल वायरल हुआ।लेकिन टेस्ट कराने पर उनके शरीर में प्लेटलेट्स की कमी, व्हाइट और रेड ब्लड सेल्स की कमी होती है।

जरनल ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया की एक स्टडी के मुताबिक थाईलैंड में बच्चों में बिन बुखार वाले डेंगू के बहुत से मामले आए हैं। स्टडी के मुताबिक वहां के 20 फीसदी बच्चों में इस तरह का डेंगू पाया गया है।इन लोगों को इस तरह का डेंगू होने का खतरा रहता है इसलिए इस मौसम में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

 

क्या आप जानते हैं बिना बुखार के भी आपको हो सकता है डेंगू

dengue fever – डॉक्टरों के मुताबिक इस सीजन में यानी अगस्त-सितंबर-अक्टूबर में अगर किसी को शरीर में दर्द, थकान, भूख ना लगना, हल्का-सा रैश, लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्या हो, लेकिन बुखार की हिस्ट्री ना हो तो वो डेंगू हो सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।उनके मुताबिक अगर मरीज सही समय पर प्लेटलेट्स चेक नहीं कराता, तो दिक्कत हो सकती है अगर प्लेटलेट्स कम हो गए हैं तो ये खतरे की बात हो सकती है।

dengue fever – डॉक्टर टीकु कहते हैं कि आम तौर पर डेंगू में तेज बुखार, शरीर में भयंकर दर्द, सिरदर्द, उल्टी, शरीर पर चकत्ते हो जाते हैं। “लेकिन कुछ एक मामलों में ऐसे लक्षण नहीं होते ऐसे असाधारण मामले हर साल आते हैं। ऐसे मरीजों को हम टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। और कई मामलों में टेस्ट पॉज़िटिव भी होता है”डॉक्टर कहते हैं कि पानी पीना डेंगू का कारगर इलाज है। आपको माइल्ड डेंगू हो या सीवर डेंगू, अगर आप खूब पानी पीएंगे तो जल्दी ही ठीक हो जाएंगे।

पानी ना पीने या कम पीने की वजह से डेंगू बढ़ जाता है। इसलिए इस बात का खास ध्यान रखें। पानी पीते रहने और आराम करने से कई बार डेंगू खुद ही ठीक हो जाता है।

डॉक्टरों के मुताबिक बीते सालों के मुकाबले इस साल डेंगू के कम ही मामले सामने आए हैं। इसकी एक वजह इस साल डेंगू के वायरस का माइल्ड होना है।आपको बता दें कि 2015 में डेंगू के 15 हज़ार 867 मामले देखने को मिले थे।

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